बिहार में कोरोना टेस्टिंग के नाम पर एक घोटाला सामने आया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेटा की जो एंट्री हुई है, उसमें टेस्ट कराने वाले व्यक्ति का पता, मोबाइल नंबर आदि कुछ मैच नहीं कर रहा है. अधिकतर मोबाइल नंबर गलत हैं और जिन लोगों के नाम उसमें दर्ज हैं, उनसे बात करने पर पता चला कि उनकी कोरोना जांच तो कभी हुई ही नहीं. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इसे 'एंटीजन घोटाला' बताया है.
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